परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

फैला दसों दिशाओं में जितना प्रकाश है

 फैला दसों दिशाओं में जितना प्रकाश है
हर मन में जो बसा है उसी का प्रकाश है
 
भ्रम दूर कर न पाये वो खद्योत भी नहीं
आँखों को खोल दे वो ही सच्चा प्रकाश है 
 
इक रंग तो बताओ जो अनुराग में नहीं
इक मात्र ये ही रंग रँगीला प्रकाश है
 
असहाय व्यक्ति के लिए तो धूप भी है धुन्ध
जब कष्ट में हो कोई तो करुणा प्रकाश है
 
जैसे ही नैन मूँदे तो इक जोत सी जली
जब उसकी बात हो तो अँधेरा प्रकाश है

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