अनेक भाँति के अद्भुत,
अनन्य जीवों ने
किया है धन्य धरा-धाम, वन्य-जीवों
ने
मरुस्थलों को भी उपहार दे के
मेघों का
महान काम किया मूरधन्य-जीवों ने
महान काम किया मूरधन्य-जीवों ने
दनुज समान था जिनका स्वभाव उनको भी
मनुज बनाया है संस्कार-जन्य-जीवों ने
तुहिन का मोल बताया उदन्य-जीवों ने
जघन्य-पाप किये हैं जघन्य-जीवों ने
No comments:
Post a Comment