परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

आकलन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था

 आकलन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
अध्ययन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
 
तीन डग में विष्णु ने तीनों भुवन को नाप डाला
आयतन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था 
 
यदि अहिल्या चाहती तो इन्द्र बच पाता नहीं, पर
भद्र-जन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
 
गोपियों ने कृष्ण को दो बाप वाला भी कहा, पर
वह स्वजन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
 
द्रौपदी ने भीष्म को क्या कुछ नहीं बोला था लेकिन
आर्त-मन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था

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