परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

आकलन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था

 आकलन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
अध्ययन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
 
तीन डग में विष्णु ने तीनों भुवन को नाप डाला
आयतन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था 
 
यदि अहिल्या चाहती तो इन्द्र बच पाता नहीं, पर
भद्र-जन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
 
गोपियों ने कृष्ण को दो बाप वाला भी कहा, पर
वह स्वजन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था
 
द्रौपदी ने भीष्म को क्या कुछ नहीं बोला था लेकिन
आर्त-मन की बात थी सो मौन रहना ही उचित था

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