ग्रीष्म की रुत है लूह है तो है
अब ये जीवन दुरूह है तो है
इससे बाहर निकलने की सोचो
लालसा चक्रव्यूह है तो है
दुष्ट भयभीत रहते हैं हमसे
और यह भय समूह है तो है
नीड़ इक तिनके से नहीं बनता
मेरी सामर्थ्य जूह है तो है
अब तो इसको ही कहते हैं
संगीत
हाथियों जैसी कूह है तो है
लूह – गर्मियों
में बहने वाली गर्म हवा,
लू;
दुरूह – कठिन; नीड़ – घोंसला; जूह
– समूह, संगठन; कूह – हाथियों के चिंघाड़
लालसा चक्रव्यूह है तो है
और यह भय समूह है तो है
मेरी सामर्थ्य जूह है तो है
हाथियों जैसी कूह है तो है
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