किसी भी हाल में खोना नहीं है
ये सच्चा प्रेम है सोना नहीं
है
हॄदय बोला दुखी अब और मत कर
नयन भी बोल उठे रोना नहीं है
किसी से प्रेम करना पाप है
तो
मुझे इस पाप को धोना नहीं है
अपेक्षाओ क्षमा कर दो मुझे
तुम
मुझे अब और दुख ढोना नहीं है
किसी भी दृष्टि में हूँ ही
कहाँ मैं
मेरा होना मेरा होना नहीं है
भला मैं सूत कातूँ भी तो कब
तक
ये धागा सूई में पोना नहीं है
नयन भी बोल उठे रोना नहीं है
मुझे इस पाप को धोना नहीं है
मुझे अब और दुख ढोना नहीं है
मेरा होना मेरा होना नहीं है
ये धागा सूई में पोना नहीं है
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