परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

हॄदय को सर्वप्रथम निर्विकार करना था

 हॄदय को सर्वप्रथम निर्विकार करना था
तदोपरान्त विषय पर विचार करना था
 
कदापि ध्यान में थी ही नहीं दशा उसकी
नदी में हमको तो बस जलविहार करना था 
 
प्रयोग करने में जीवन व्यतीत कर डाला
स्वभाव को ही प्रमुखतः उदार करना था
 
बस एक वार में दानव मरा नहीं करते
हमें नितान्त, निरन्तर प्रहार करना था
 
नवीन’ तुम भी तो प्रति-एक से नहीं परिचित
प्रसिद्धि चाहिए थी तो प्रचार करना था

No comments:

Post a Comment