परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

घर बुला कर के घात मत करना

 घर बुला कर के घात मत करना
हमसे अनबन की बात मत करना
 
मन में अनुराग को बसाना बस
द्वेष को आत्मसात मत करना 
 
ऐंठ ब्यौहार में तो चलती है
प्रेम लेकिन बलात मत करना
 
व्यर्थ के द्वन्द हम ने छोड़ दिये
आप भी जात पात मत करना
 
ध्यान धर लेना जो न आये नींद
लेटे-लेटे प्रभात मत करना
 
दोपहर तक का काम है केवल
शीघ्र लौट आना रात मत करना

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