परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

कहूँ किस तरह मुझको आशा नहीं है

 कहूँ किस तरह मुझको आशा नहीं है
निराशा भरी मेरी भाषा नहीं है
 
वही लक्ष्य है उसको पा के रहेंगे
भले थक गये पर हताशा नहीं है 
 
दमकता है जो कल्पनाओं में मेरी
स्वयं चन्द्र उस चन्द्रमा सा नहीं है
 
सुधापान कर के भी प्यासे रहे तुम
ये तृष्णा है साथी पिपासा नहीं है
 
न पर्वत से आये न सागर को जाये
वो कुछ भी हो लेकिन बिपाशा नहीं है
 
बिपाशा - नदी

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