दुराचार उन्माद है सभ्यता का
सदाचार सम्वाद है सभ्यता का
शहद जैसा मीठा सुमन जैसा
कोमल
विनम्र आचरण स्वाद है सभ्यता का
सदा सच्चिदानन्द आनन्द कारी
शिवम तत्व आल्हाद है सभ्यता का
इसी ने कुशलता की बेलें
बढायीं
कला-वाद अनुवाद है सभ्यता का
सहज उन्नयन तो हैं महले
दुमहले
परिष्कार प्रासाद है सभ्यता का
इसे भूलकर भी पसरने न देना
सखे द्वेष अवसाद है सभ्यता का
विनम्र आचरण स्वाद है सभ्यता का
शिवम तत्व आल्हाद है सभ्यता का
कला-वाद अनुवाद है सभ्यता का
परिष्कार प्रासाद है सभ्यता का
सखे द्वेष अवसाद है सभ्यता का
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