आप जबतक हाथों में लेकर गुलाल आते नहीं
आम के पेड़ों पै भी मीठे रसाल
आते नहीं
आपसे अनुराग है तो है छुपाएं
किसलिए
हम भले मानुस हैं हमको झोलझाल आते नहीं
आप सम्मोहन कला की हैं
प्रधानाध्यापिका
और उस पर कह रही हैं इन्द्रजाल आते नहीं
मन मचलता है हमारा, किन्तु सागर की तरह
हाँ उछाल आते हैं इसमें पर उबाल आते नहीं
प्रेम की चिन्ता न करिए, प्रेम प्रहरी है स्वयं
प्रेम का करने को रक्षण द्वारपाल आते नहीं
प्रेम पर कुछ प्रश्न है तो
पूछ लीजै प्रेम से
प्रेम वो संसद है जिसमें शून्यकाल आते नहीं
देख पाएं आप आद्योपान्त तो
ही देखना
प्रेम वो मूवी है जिसमें अन्तराल आते नहीं
हम भले मानुस हैं हमको झोलझाल आते नहीं
और उस पर कह रही हैं इन्द्रजाल आते नहीं
हाँ उछाल आते हैं इसमें पर उबाल आते नहीं
प्रेम का करने को रक्षण द्वारपाल आते नहीं
प्रेम वो संसद है जिसमें शून्यकाल आते नहीं
प्रेम वो मूवी है जिसमें अन्तराल आते नहीं
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