परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

जब-जब जंगल के मंगल पर कण्टक आते हैं

 जब-जब जंगल के मंगल पर कण्टक आते हैं
विश्वामित्र व्यवस्थाओं पर प्रश्न उठाते हैं
 
सहसभुजी जब-जब जनधन हर कर ले जाते हैं
भृगुवंशी जैसे योद्धा कर्तव्य निभाते हैं 
 
जब-जब सत्ता धृतराष्ट्रों की दासी बनती है
तब-तब शर-शय्या पर भीष्म लिटाये जाते हैं
 
शाकुंतल-दुष्यन्त किसी इक युग के युगल नहीं
ऐसे प्रेम-प्रसंग हरिक युग में मिल जाते हैं
 
मेधा जात और पात से भी श्रेयस्कर होती है
सत्यवती-सुत व्यास हमेशा पूजे जाते हैं
 
आयुर्वेद समाननवीनप्रयास किये जाओ
भारद्वाजी-सूत्र युयुत्सु-चरक सुलझाते हैं

No comments:

Post a Comment