और भला क्या होना है
वो ही रोना धोना है
रो कर पाया था जीवन
हँसते-हँसते खोना है
किस से मन की बात कहें
सूना कोना कोना है
अश्रु जिन्होंने पौंछे हों
उनका रोना रोना है
जागे कौन जगाये कौन
सब ही को तो सोना है
विष की बेलें फैल चुकीं
अब तो अमृत बोना है
हँसते-हँसते खोना है
सूना कोना कोना है
उनका रोना रोना है
सब ही को तो सोना है
अब तो अमृत बोना है
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