परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

मीरा और गिरिधर जैसी गरिमा से छुआ करो

 मीरा और गिरिधर जैसी गरिमा से छुआ करो
मन की आशा को मन की भाषा से छुआ करो
 
जैसे स्पर्श किया कान्हा ने श्री राधे का मन
छुआ करो तो वैसी मर्यादा से छुआ करो 
 
उसके रंग-महल की कुंजी उसकी चौखट है
उसकी चौखट को सच्ची श्रद्धा से छुआ करो
 
अमृत कोई द्रव्य नहीं जो अंजुलि में आ जाय
अमृत को छूना हो तो प्रज्ञा से छुआ करो
 
सुन्दरता भी छुईमुई जैसी ही होती है
सुन्दरता को नयनों की भाषा से छुआ करो
 
चिड़िया जैसे डुबकी मारी और निकल आये
गहरे सागर को अपनी समिधा से छुआ करो
 
अन्तस के अनुरागी तो अनुभूति कराते हैं
अन्तस को छूना हो तो आभा से छुआ करो

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