परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

सृष्टि को दृष्टि से परे मत बोल

 सृष्टि को दृष्टि से परे मत बोल
कर्म को राम आसरे मत बोल
 
गीत जो चाहे वो सुना लेकिन
अन्तरों वाले अन्तरे मत बोल 
 
कोष यदि हैं भरे तो बोल भरे
रिक्त हैं तो भरे भरे मत बोल
 
सच है सच बोल होते हैं कड़वे
किन्तु इतने खरे खरे मत बोल
 
धर्म को धर्म रहने दे प्यारे
हर विषय पर हरे हरे मत बोल
 
या तो उपहार-दान ले ही मत
ले लिया तो अरे अरे मत बोल

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