परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

ना तो निर्वाण का न उद्भव का

 ना तो निर्वाण का न उद्भव का
काल तो श्रेष्ठतम है शैशव का
 
बालपन जैसे गोपियों का प्रेम
और संसार ज्ञान उद्धव का 
 
विश्वविजयी हमीं तो थे केवल
बोध था ही नहीं पराभव का
 
अब तो चलना भी हो गया दूभर
बोझ इतना है सर पै अनुभव का
 
तब तो सारे ही मित्र थे पर अब
शत्रु मानव बना है मानव का
 
कोष में हो नहीं लड़कपन तो
मोल है शून्य सारे वैभव का

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