परिचय - नवीन सी. चतुर्वेदी

परिचय – नवीन सी. चतुर्वेदी

Tuesday, 9 June 2026

दूसरा पहर नहीं विहान के समान है

 दूसरा पहर नहीं विहान के समान है
और यह विहान हर निदान के समान है
 
नगर-नगर डगर-डगर पै इसकी जोत जल रही
को’यले का मान सूर्य मान के समान है 
 
बम बनाये और हिरोशिमा को नष्ट कर दिया
दुष्ट का तो ज्ञान भी मसान के समान है
 
श्रेष्ठ है परन्तु कोई ध्यान दे नहीं रहा
सामवेद अब अरण्य गान के समान है
 
आपकी ही भाँति आपका सनेह भी सजन
लुप्त है परन्तु विद्यमान के समान है

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